यूँ तेरी रहगुज़र से, दीवानावार गुजरे
काँधे पे अपने रखकर अपना मज़ार गुजरे
बैठे हैं रास्ते में दिल का खंडहर सजाकर
शायद इसी तरफ से, एक दिन बहार गुजरे
बहती हुई ये नदिया, घुलते हुए किनारे
कोई तो पार उतारे, कोई तो पार गुजरे
तुने भी हमको देखा, हमने भी तुमको देखा
तुम दिल ही हार बैठे, हम जान हार गुजरे
काँधे पे अपने रखकर अपना मज़ार गुजरे
बैठे हैं रास्ते में दिल का खंडहर सजाकर
शायद इसी तरफ से, एक दिन बहार गुजरे
बहती हुई ये नदिया, घुलते हुए किनारे
कोई तो पार उतारे, कोई तो पार गुजरे
तुने भी हमको देखा, हमने भी तुमको देखा
तुम दिल ही हार बैठे, हम जान हार गुजरे
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